
📢 उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) का बड़ा फैसला
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा (ग्रुप-ग) को पेपर लीक प्रकरण के चलते रद्द कर दिया है।
यह परीक्षा 21 सितंबर 2025 को आयोजित की गई थी। आयोग ने 10–11 अक्टूबर 2025 को प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि यह निर्णय मानवता-हित और निष्पक्षता को ध्यान में रखकर लिया गया है।
🗞️ स्रोत: Amar Ujala, Live Hindustan, Aaj Tak
🧾 क्या कहा आयोग ने?
आयोग ने बताया कि जांच के दौरान प्रश्नपत्र लीक होने के प्रमाण मिले हैं, जिससे परीक्षा की पारदर्शिता प्रभावित हुई।
इसलिए आयोग ने परीक्षा को पूर्ण रूप से निरस्त करने और नई परीक्षा तीन महीने के भीतर पुनः कराने का निर्णय लिया है।
“भर्ती प्रक्रिया में निष्पक्षता हमारी पहली प्राथमिकता है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।”
— UKSSSC प्रेस विज्ञप्ति, 10 अक्टूबर 2025
📍 मुख्य जानकारी एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| परीक्षा का नाम | स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा (ग्रुप-ग) |
| आयोग | उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) |
| परीक्षा तिथि | 21 सितंबर 2025 |
| निर्णय तिथि | 10–11 अक्टूबर 2025 |
| कारण | पेपर लीक की पुष्टि |
| स्थिति | परीक्षा रद्द |
| नई परीक्षा | 3 महीने के भीतर |
| स्रोत | Amar Ujala, Live Hindustan, Aaj Tak |
🧭 उम्मीदवारों के लिए अगला कदम
- नई परीक्षा तीन माह के अंदर आयोजित की जाएगी।
- उम्मीदवारों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
- नई तिथि और एडमिट कार्ड UKSSSC की वेबसाइट sssc.uk.gov.in पर जारी किए जाएंगे।
⚖️ सरकार और आयोग की सख्ती
उत्तराखंड सरकार ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
जांच एजेंसियाँ पहले से ही पेपर लीक के पूरे नेटवर्क की छानबीन में लगी हैं।
सरकार ने यह भी कहा कि भविष्य की परीक्षाओं में AI आधारित निगरानी और सुरक्षित पेपर ट्रांसफर सिस्टम लागू किया जाएगा।
💬 उम्मीदवारों की प्रतिक्रिया
कई अभ्यर्थियों ने कहा कि हालाँकि यह निर्णय कठिन है, लेकिन सही है —
क्योंकि इससे आगे की भर्ती प्रक्रिया में विश्वसनीयता बनी रहेगी।
📌 निष्कर्ष
UKSSSC Graduate Level Exam 2025 का रद्द होना लाखों उम्मीदवारों के लिए झटका है,
लेकिन यह कदम भर्ती प्रक्रिया की ईमानदारी और पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए आवश्यक था।
अब सभी की निगाहें नई परीक्षा तिथि और संशोधित कार्यक्रम पर टिकी हैं।









